बायोइन्फॉर्मेटिक का बढ़ता क्रेज
बुधवार, 03 मार्च 2010 17:36

मेडिकल साइंस के क्षेत्र में तेजी से हो रहे विकास के कारण बायोइन्फॉर्मेटिक का क्षेत्र युवाओं के लिए पंसदीदा करियर ऑप्शन बनता जा रहा है। आम शब्दों में कहें, तो यह साइंस के दो प्रमुख क्षेत्र इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी और बायोटेक्नोलॉजी से मिल कर बना है। इन दिनों बायोइन्फॉर्मेटिक का इस्तेमाल मोलिक्यूलर बॉयोलॉजी के क्षेत्र में खासतौर से किया जाता है। यह एक स्पेशलाइज्ड एरिया है। विशेषज्ञों की मानें, तो इन दिनों बायोइन्फॉर्मेटिक एक्सपर्ट की डिमांड सप्लाई से कहीं ज्यादा है।

 


क्या करते हैं बायोइन्फॉर्मेटिस्ट

 

इस फील्ड से जुड़े पेशेवर कम्प्यूटर टेक्नोलॉजी के माध्यम से बायोलॉजिकल डाटा का सुपरविजन और एनालिसिस करते हैं। साथ ही, इनका काम डेटाज स्टोरेज करने के साथ-साथ एकत्र किए गए बायोलॉजिकल डाटा को एक दूसरे के साथ मिलाना भी होता है। इन दिनों बायोइन्फॉर्मेटिक का इस्तेमाल रिसर्च के क्षेत्र में खूब होने लगा है। इस फील्ड से जुड़े लोगों के लिए ह्यूमन हेल्थ, एग्रीकल्चर, एंवायरनमेंट और ऊर्जा के क्षेत्र में काम करने का भी भरपूर मौका होता है। इन दिनों बायोमोलिक्यूलर के लिए क्षेत्र में बायोइन्फॉर्मेटिक का इस्तेमाल दवाओं की गुणवत्ता को सुधारने के लिए किया जाता है।


कैसे होती है एंटी

 

साइंस स्ट्रीम से 12वीं पास करने वाले स्टूडेंट्स बॉयोइन्फॉर्मेटिक के फील्ड में एंट्री ले सकते हैं। यदि इस सब्जेक्ट में अपनी रिसर्च स्किल को और बेहतर करना चाहते हैं, तो ग्रेजुएशन और पोस्ट ग्रेजुएट में मोलिक्यूलर बायोलॉजी, जेनेटिक, माइक्रोबायोलॉजी, केमिस्ट्री, फॉर्मेसी, वेटेनरी साइंस, फिजिक्ट और मैथे जैसे विषय जरूर होने चाहिए।


रोजगार संभावनाएं

 

करियर एक्सपर्ट जितिन चावला कहते हैं कि इन दिनों हर फील्ड में तकनीक का इस्तेमाल हो रहा है और साइंस का फील्ड भी इससे अछूता नहीं है।
बायॉइन्फॉर्मेटिक्स से जुड़े लोगों की मांग इन दिनों तेजी से बढ़ रही है, खासकर जीवीके बायोसाइंसेज, एस्ट्राजेनेका, डॉ.रेड्डी लेबोरेटरीज, इनजेनोविस, जुबिलेंट बायोसेस, लैंडस्काई सोल्युशंस आदि जैसी बड़ी कंपनियों हैं, जो लोगों को हायर करती हैं।

 

इस फील्ड में सरकारी और निजी मेडिकल इंस्टीट्यूशंस, हॉस्पिटल आदि में रिसर्च कार्यों के लिए बायोइन्फॉर्मेटिक के क्षेत्र से जुड़े पेशेवर को हायर किया जाता है, लेकिन बायोइन्फॉर्मेटिक से जुड़े लोगों के लिए फार्मास्युटिकल इंडस्ट्री रोजगार का सबसे बड़ा डेस्टिनेशन है। इस क्षेत्र से जुड़े पेशेवर कुछ खास एरिया में बेहतरीन करियर बना सकते हैं, जैसे सिक्वेंस एसेम्बलिंग, सिक्वेंस एनालिसिस, प्रोटेओमिक्स, फार्माकोजेनोमिक्स, फार्माकोलोजी, क्लिनिकल फार्माकोलॉजिस्ट, इन्फॉर्मेटिक डेवलॅपमेंट, कम्प्यूटेशनल केमिस्ट्री, बायोएनालिटिक्स, एनालिटिक्स आदि।


पर्सनल स्किल

 

दरअसल, बायोइन्फॉर्मेटिक का फील्ड रिसर्च से जुड़ा हुआ है, इसलिए इस फील्ड में कदम रखने वाले स्टूडेंट्स का जिज्ञासु प्रवृत्ति का होने के साथ-साथ आब्र्जेवशन स्किल जरूरी है। इस फील्ड में सफल होने के लिए टीम भावना का होना भी जरूरी है।

सैलॅरी वॉच

 

बायोइन्फॉर्मेटिक में पोस्ट ग्रेजुएट की डिग्री रखने वाले स्टूडेंट्स इस इंडस्ट्री में 12 से 20 हजार रुपये प्रति महीने की उम्मीद कर सकते हैं, लेकिन जो स्टूडेंट्स गवर्नमेंट रिसर्च ऑर्गनाइजेशन में शुरुआत में नौ हजार रुपये प्रति माह के अलावा गवर्नमेंट अलाउंस भी मिलता है। आमतौर पर एमएनसी में इस क्षेत्र से जुड़े लोगों को अच्छी सैलॅरी मिल जाती है।

प्रमुख संस्थान

u दिल्ली यूनिवर्सिटी, नई दिल्ली
www.du.ac.in

u जामिया मिलिया यूनिवर्सिटी, नई दिल्ली
www.jmi.nic.in

u बंबई यूनिवर्सिटी, मुम्बई
www.mu.ac.in

u कलकत्ता यूनिवर्सिटी, कोलकाता
www.caluniv.ac.in

u मनीपाल एकेडमी ऑफ हायर एजुकेशन, मनीपाल
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u इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट ट्रेनिंग, पुणे
www.iimtpune.com

u यूनिवर्सिटी ऑफ हैदराबाद
www.uohyd.ernet.in