खराब मूड में छिपा है कामयाबी का राज
शुक्रवार, 05 मार्च 2010 17:06

बॉस के साथ बहस हुई है और क्या आपका मूड खराब है। यदि हां, तो आप उन लोगों के मुकाबले ज्यादा बेहतर काम करेंगे जिनका मूड खराब नहीं है। यह दावा उस आम धारणा के एकदम विपरीत है कि लोग जब नाखुश होते हैं तो गलतियां भी ज्यादा करते हैं। ्यू साउथ वेल्स यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं का कहना है कि उदासी या खिन्नता, चरम प्रदर्शन करने में मददगार हो सकती है।

प्रोफेसर जोसेफ फोरगास के नेतृत्व में वैज्ञानिकों के एक दल ने कई अध्ययनों की समीक्षा के बाद पाया कि तुनक-मिजाज लोग काम पर ज्यादा ध्यान देते हैं और मूर्खता का प्रदर्शन कम करते हैं। इससे होता यह है कि निर्णय लेने में कम त्रुटियां होती हैं।

      
साइंटिफिक अमेरिका की रिपोर्ट के मुताबिक, शोधकर्ताओं ने पाया कि नाखुश कर्मचारी अपने खुश साथी की तुलना में ज्यादा बेहतर और गुणवत्तापूर्ण तर्क-वितर्क करते हैं। वैज्ञानिकों का कहना है कि भय, क्रोध, असंतोष और उदासी चार बुनियादी नकारात्मक भावनाएं हैं जो काम को बेहतर बनाने में मददगार होते हैं।

      
इससे पहले के अध्ययनों में कहा गया है कि अच्छा मूड हो, तो सोचने की क्षमता बढ़ जाती है और खिन्न या उदास रहने वाले लोग ज्यादा गलतियां करते हैं। नए अध्ययन के नए नतीजे आस्ट्रेलियाई साइंस जर्नल के नवीनतम अंक में प्रकाशित हुए हैं।